कोहरे के खेत में मोटे लण्ड से चुदाई

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम रागिनी है मेने अपनी जिंदगी झोपड़पट्टी में गुजारी है दोस्तों में अभी 25 साल की हूँ में बहुत ही खूबसूरत हूँ मेरा रंग एकदम गोरा है में एक खूबसूरत जिस्म की मालकिन हु। में कॉलेज में पढ़ती हु और जब भी में कॉलेज जाती हु ऐसा कभी नहीं होता की कोई लड़का मुझे न देखे। और हर लड़के की नज़र अगर सामने से देखता है तो मेरे बूब्स और पीछे से देखे तो मेरी गांड पर अटक जाती है। लड़को ने मेरा मेरा नाम टाइम पास  रखा हुआ था क्यों की दोस्तों में स्टार्टिंग से ऐसे माहौल में पाली बढ़ी हूँ  की मे अपनी जवानी को कभी कंट्रोल में नहीं कर पाई मेरी जो फ्रेंड थी वो सारी रंडी जैसी थी। जब कॉलेज में खली वक्त मिलता तो हम सुब एक दूसरे के मम्मे दबाते थे और चुत में ऊँगली करते थे लेकिन जल्द ही हम लोगो ने अपने लिए लण्ड ढूंढ लिए थे।

उसके बाद मैंने कही लड़को के लैंड से मजे लुटे थे मेने बहुत चुदाई करवाई लेकिन उन में से एक चुदाई ऐसी थे जो में जिंदगी में कभी नहीं भूलूंगी। और आज में आप को वही कहानी सुनाने जा रही हूँ। दोस्तों मेरी ज़ोपडपट्टी में एक लूखा टाइप का एक लड़का था जिसके साथ में मेरा अफेयर चल रहा था जिससे सभी डरते थे कोई भी उसके साथ कोई भी जङ्गा नहीं करता था। मुझे वह बहुत पसंद था इसलिए जब उसने मुझे पप्रपोज़ किया तो मेने भी जल्दी से हा कर दिया अब हम चुप चुप कर मिलने लगे दोस्तों वो कमीना मेरे हर अंग से खेल चूका था लेकिन वो मुझे चोद नहीं पाया क्यों की कोई जगह नहीं मिली थी। मेने उसका मोटा लण्ड कई बार अपने हाथ में पकड़ा था और मेने अपने हाथ से हिला के मुठ भी मारी थी।

एक बार तो हद हो गई एक दिन वो मुझे सायबर कैफ़े में ले गया और वह केबिन में मेने उसके मोठे लण्ड को मुँह में चूसा था और उसका पानी था वो भी मुझे पीना पड़ा था लेकिन दोस्तों वो खटा खटा पानी अच्छा था। दोस्तों अब मौसम बदल रहा था और सर्दी आ रही थी। फिर उसने मुझे कहा की रागिनी  जी मौसम बदल रहा है अब तो आप जरूर चुदोगी तो मेने कहा की कैसे तो उसने कहा दो चार दिन रुको। फिर धीरे धीरे कोहरा चालू हो गया तो में समझ गई की वो लूखा इसी के बारे में बात कर रहा था फिर हम दोनों उस कोहरे में मिलने लगे लेकिन कोहरा इतना जयदा नहीं था तो हम लोग चुदाई के तड़प ने लगे एक दिन में स्कूल जा रही थी और कोहरा बहुत जयदा था में अपने खेत से होकर स्कूल जाती हूँ

और उस दिन कोहरा इतना ज्यादा था की अगर आप के सामने कोई आदमी खड़ा हो तो आप उसे अचे से नहीं पहचान सकते तो में स्कूल जा रही थी और अचानक किसी ने मेरा हाथ पकड़ा और मुझे अपनी तरफ खींच लिया और में सीधे उसके बाहो में चली गई मेने ठीक से उसे देखा नहीं खेत खाली था। कोहरा इतना था कि आदमी को पास खड़ा आदमी भी नहीं दिख पाता था। मैं उससे लिपट गई, उसने बेइन्तहा चूमना शुरु कर दिया। दोनों हाथों से मेरी चूचियाँ दबाने लगा। जब मेने उसका लण्ड हाथ में पकड़ा तो में पहचान गई की ये तो वही लूखा है अब उसने मेरी स्कर्ट में अपना हाथ दाल दिया लेकिन मेने अंडर टाइट पेंटी पहनी हुई थी जो शरीर से बिल्कुल चिपकी हुई थी।

उसने मेरी चूत मसल डाली। मेरे अन्दर आग आज कुछ अधिक ही धधक रही थी, आज मैं बहुत प्यासी थी। मैंने उसके लंड को पेंट के ऊपर से पकड़ लिया।अब वो मुझे खींच के खेत के बीचोबीच ले गया जहा हमे कोई देख न सके और उसकी ज़िप में से लंड निकाल लिया, पैरों के बल बैठ मुँह में डाल लिया और पागलों की तरह चूसने लगी। उसने नीचे से अपना पैर स्कर्ट में डाल अपने पैर के अँगूठे से मेरी चूत को दबा दिया। ओस से कपड़े गीले हो जाते, इस वज़ह से हम नीचे नहीं लेट सकते थे। उसने मुझे खड़ा किया, स्कर्ट खोल डाली। हुक़ खुलते ही स्कर्ट नीचे गिर गई।

हाय… यह क्या कर दिया तुमने? तुझे नंगी किया.. साली…! उसने चूस-चूस कर पागल कर दिया और स्लाक्स उतार कर फेंक दी। मैंने कहा, ठीक से रख दो, फिर पहनने भी तो हैं। मैं भी बेशर्म हो गई और पैन्टी ख़ुद ही उतार दी। उसने अपनी शर्ट उतार कर वहीं नीचे बैठते हुए मुझे घुटने रखवा कर घोड़ी बना दिया और अपनी जीभ मेरी चूत में डाल कर चूसने लगा। हाय… लंड पेल दो प्लीज़… ले रानी, कहते हुए उसने लंड को चूत पर रखते हुए धक्का मारा। उसके तीन धक्कों से ही लंड मेरी चूत में पूरा समा गया। अब करो… फाड़ डालो… बहुत प्यासी है यह तेरे लंड की आज… ठंडी कर दे मेरी आग…

वह तेज़-तेज़ धक्के मारता गया… अचानक उसने पासा पलटा और सीधा लिटा कर अन्दर डालते हुए करारे झटके मारे… मैं झड़ गई और मेरी गर्मी से वो भी पिघल गया और अपना सारा पानी मेरी चूत में ही डाल दिया। कितना मज़ा आया इस तरह रास्ते में चूत मरवा कर… ऐसा मज़ा बिस्तर पर कभी नहीं आया। तो यह थी मेरी एक मस्त चुदाई की कहानी। फिर हाज़िर होऊँगी अगली कहानी लेकर। सब लड़कों के लंड खड़े रहें। भगवान सभी को मोटे लंड दें, ताकि मुझ जैसी प्यासियों की आग बुझती रहे।

 

Author: Chudaiporn

Leave a Reply